राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने ऊपर लगे बार-बार के आरोपों और बैन की मांगों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने जबलपुर में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक के समापन पर कहा कि “संघ पर जितनी बार प्रतिबंध लगाने की कोशिश हुई, संघ उतनी ही मजबूती से उभरा है।”
होसबोले ने कहा कि संघ का काम समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। कुछ लोग संघ के नाम से डराने और बदनाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन संघ का उद्देश्य राष्ट्रहित में लोगों को एकजुट करना है। उन्होंने कहा, “संघ पर जो भी प्रतिबंध लगाए गए, वे टिके नहीं — हर बार सत्य और सेवा ने हमें और सशक्त किया है।”
देश में शांति और एकता ही लक्ष्य
होसबोले ने आगे कहा कि संघ नफरत की राजनीति के खिलाफ है और राष्ट्र के सभी वर्गों को एक साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। उनका कहना था कि “हमारा काम मंदिर-मस्जिद के विवादों में नहीं, बल्कि समाज के समरसता में है।”
मणिपुर हिंसा पर संघ की टिप्पणी
मणिपुर में जारी हिंसा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि “वहां की स्थिति जल्द सुधरेगी। सरकार पूरी तरह सक्रिय है और अच्छे दिन जल्द लौटेंगे।” संघ ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से आग्रह किया है कि शांति बहाली के प्रयासों में तेजी लाई जाए।
ट्रेन दुर्घटनाओं को बताया गंभीर विषय
होसबोले ने हाल में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि “रेलवे देश की जीवनरेखा है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।”उन्होंने बताया कि आगामी महीनों में संघ के कार्यकर्ता समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अभियान चलाएंगे।
संक्षेप में:
• आरएसएस ने बैन की मांगों को चुनौती बताया
• कहा, “हर बार संघ और मज़बूत हुआ”
• मणिपुर हिंसा पर – जल्द आएंगे अच्छे दिन
• समाज सेवा और एकता पर संघ का फोकस

