नागपुर: नागपुर के वाठोड़ा इलाके में ITC कंपनी की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर एक अनाज व्यापारी से 4 लाख 78 हजार 452 रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने फेसबुक पर विज्ञापन के जरिए व्यापारी से संपर्क किया और 10 साल की डीलरशिप दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाए। काफी समय तक सामान नहीं पहुंचने पर व्यापारी को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। इसके बाद कंपनी से संपर्क करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
फेसबुक पर विज्ञापन देखकर किया संपर्क
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रुपेश मुकुंद व्यास (40) वाठोड़ा के साई बाबा नगर में गोपाल कृष्ण लॉन के पास रहते हैं। 20 मई 2026 को फेसबुक पर सर्चिंग के दौरान उन्हें कोलकाता स्थित ITC कंपनी की डीलरशिप से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया।
विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया। दूसरी ओर से बात करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान विकम गुप्ता के रूप में बताई और कंपनी की जानकारी देते हुए डीलरशिप दिलाने का भरोसा दिया।
10 साल की डीलरशिप के नाम पर जमा करवाए पैसे
आरोपी ने व्यापारी को ई-मेल के जरिए डिस्ट्रीब्यूटरशिप से संबंधित एक पत्र भेजा। इसके बाद 10 साल की डीलरशिप व्यवस्था के लिए बीमा शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे जमा करवाए।
आरोपी के झांसे में आकर व्यापारी ने कुल 4,78,452 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
सामान नहीं पहुंचने पर हुआ धोखाधड़ी का शक
पैसे जमा करने के बावजूद जब व्यापारी को कंपनी का सामान नहीं मिला, तो उन्होंने आरोपी से दोबारा संपर्क किया। इस दौरान आरोपी ने अगले दिन सामान भेजने का आश्वासन दिया। हालांकि, इसके बाद भी डीलरशिप से संबंधित कोई सामान नहीं पहुंचा।
ITC कार्यालय पहुंचने पर खुली फर्जी डीलरशिप की पोल
लगातार इंतजार के बाद रुपेश व्यास को संदेह हुआ। उन्होंने नागपुर के बुरहानी हाउस कॉम्प्लेक्स स्थित ITC कार्यालय पहुंचकर डीलरशिप के प्रस्ताव की पुष्टि की।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि कंपनी की ओर से इस तरह की कोई डीलरशिप व्यवस्था नहीं की जा रही है। इसके बाद व्यापारी को एहसास हुआ कि ई-मेल के जरिए भेजा गया डीलरशिप पत्र कथित तौर पर फर्जी था और उनके साथ ऑनलाइन ठगी की गई है।
वाठोड़ा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर वाठोड़ा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 और 318(4) सहित संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन डीलरशिप के नाम पर ठगी से रहें सावधान
इस घटना के बाद ऑनलाइन डीलरशिप और फ्रेंचाइजी के विज्ञापनों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। बिना सत्यापन के किसी भी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने से बचना चाहिए।

