रामटेक/देवलापार: नागपुर जिले के देवलापार वन क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बाघ के डर से एक पिता ने अपने मासूम बेटे के साथ बांध में छलांग लगा दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल व्याप्त है।
घटना का पूरा विवरण
रविवार सुबह करीब 9 बजे, देवलापार वन क्षेत्र के सेल नंबर 286 अंतर्गत छवारी क्षेत्र में यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार दुलारा गांव निवासी जीवन धर्मराज कोकोडे (35) अपने 7 वर्षीय बेटे जतिन जीवन कोकोडे और साले के साथ खेत के पास स्थित लखन बांध पर मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक एक बाघ उनकी ओर तेजी से बढ़ता दिखाई दिया।
बाघ के डर से उठाया खौफनाक कदम
जैसे ही जीवन के साले ने बाघ को उनकी ओर आते देखा, उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाकर उन्हें सतर्क करने की कोशिश की। लेकिन बाघ बेहद करीब आ चुका था। जान का खतरा देखते हुए जीवन धर्मराज कोकोडे ने अपने बेटे को पकड़कर उसे बचाने के प्रयास में बांध में छलांग लगा दी।
कीचड़ में फंसे, पानी में डूबे दोनों
बांध में कूदने के बाद स्थिति और भयावह हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों के पैर बांध के गहरे कीचड़ में फंस गए, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके और पानी में डूब गए। दोनों ने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन बाघ के हमले के डर से उनके साथ मौजूद साला मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
ग्रामीणों और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद साला गांव पहुंचा और ग्रामीणों को सूचना दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां जतिन का शव पानी में दिखाई दिया, जबकि जीवन कोकोडे का कोई पता नहीं चल रहा था। इसके बाद पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। तैराकों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद जीवन का शव भी बाहर निकाला।
50 हजार रुपये की तत्काल सहायता
घटना के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी शेषराव टुले ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने निजी स्तर पर मृतक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
इलाके में दहशत, किसान सहमे
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे दुलारा गांव और आसपास के क्षेत्रों में बाघ की दहशत फैल गई है। खेती का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

