नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में वृद्ध को सात वर्ष का सश्रम कारावास, 35 हजार रुपये जुर्माना

नागपुर में एक गंभीर आपराधिक मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के दोषी वृद्ध को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए कुल मिलाकर सात वर्ष तक के सश्रम कारावास और 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है।

घटना का विवरण

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यह घटना 30 नवंबर 2021 की रात लगभग 10:45 बजे रहाटे कॉलोनी परिसर में घटी।
एक 35 वर्षीय महिला अपनी बेटी के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ संपर्क साधने का प्रयास किया और उसे कमरा दिखाने के बहाने अपने साथ ले जाकर अश्लील हरकतें कीं।
आरोपी पर यह भी आरोप साबित हुआ कि उसने अन्य छोटी बच्चियों के साथ भी अनुचित व्यवहार किया।

आरोपी और सजा

इस मामले में आरोपी की पहचान सतीश केशव रोकडे (64 वर्ष) के रूप में हुई है, जो हनुमाननगर का निवासी है।
अदालत ने उसे POCSO एक्ट की धारा 10, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और POCSO एक्ट की धारा 12 के तहत दोषी करार दिया।

सजा इस प्रकार सुनाई गई—

  • POCSO धारा 10: 7 वर्ष सश्रम कारावास + 20,000 रुपये जुर्माना
  • IPC धारा 354: 5 वर्ष सश्रम कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना
  • POCSO धारा 12: 3 वर्ष सश्रम कारावास + 5,000 रुपये जुर्माना

यदि जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

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अदालती फैसला

यह फैसला विशेष सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एस. एस. मोंढेकर ने सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को सभी सजाएं एक साथ (concurrently) भुगतनी होंगी।

जांच और कानूनी कार्रवाई

इस मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक रामटेके द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सरकार की ओर से अधिवक्ता रश्मी खापर्डे ने पैरवी की और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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