बारिश से बचने के लिए लिया था सहारा, तेज हवाएं बन गईं जानलेवा
कामठी : नागपुर जिले के कामठी तहसील अंतर्गत उमरी क्षेत्र में आए तेज तूफान और बारिश ने एक खेत मजदूर की जान ले ली। बारिश और आंधी से बचने के लिए खेत में बनी झोपड़ी में शरण लेना मजदूर के लिए घातक साबित हुआ। तेज हवाओं के कारण वह झोपड़ी समेत कई फीट दूर जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
शाम को खेत में काम करते समय हुआ हादसा
मृतक की पहचान भोजराज श्रावण परतेकी (43 वर्ष), निवासी उमरी, तहसील कामठी के रूप में हुई है। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे कामठी तहसील के भूगांव, झरप और एकर्डी क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई थी।
उस समय भोजराज उमरी क्षेत्र में श्रावण देवराव मासुरकर के खेत में मजदूरी का काम कर रहा था।
झोपड़ी में लिया था आश्रय
बारिश शुरू होते ही भोजराज ने खेत में बनी टीन की झोपड़ी में शरण ली। लेकिन कुछ ही देर में तेज तूफान के कारण झोपड़ी बुरी तरह हिलने लगी। झोपड़ी को उड़ने से रोकने के लिए उसने उसके लकड़ी के खंभों को पकड़ लिया।
झोपड़ी समेत 25 फीट दूर जा गिरा मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं का दबाव इतना अधिक था कि भोजराज झोपड़ी सहित लगभग 25 फीट दूर जा गिरा। इस हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और वह बुरी तरह घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने से पहले ही बिगड़ी हालत
तूफान शांत होने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल वडोदा स्थित एक निजी चिकित्सक के पास पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही।
मौसम का कहर बना जानलेवा
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतना कितना जरूरी है। भोजराज की अचानक हुई मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
क्षेत्र में शोक की लहर
घटना के बाद उमरी और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।

