उद्धव ठाकरे का भोंदूबाबा अशोक खरात मामले पर बड़ा बयान, बोले- पानी कहां तक पहुंचा है यह सामने आना चाहिए

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भोंदूबाबा अशोक खरात मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में अंधविश्वास और ढोंग के नाम पर चल रही गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि मामला कहां तक और किन-किन लोगों तक पहुंचा हुआ है

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उद्धव ठाकरे ने क्या कहा

उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में जादूटोना विरोधी कानून मौजूद है, लेकिन अगर कानून की रक्षा करने वाले लोग ही ऐसे लोगों के संपर्क में हों, तो उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य को आगे बढ़ाने की बात होनी चाहिए, न कि नींबू, टाचणी और अंधविश्वास जैसे मुद्दों में उलझने की

मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग

उद्धव ठाकरे ने कहा कि गांव-गांव में मौजूद ऐसे भोंदूबाबाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का झंडा किसी आरोपी को बचाने का आधार नहीं बनना चाहिए। उनके अनुसार, इस मामले में निष्पक्ष और व्यापक जांच बेहद जरूरी है।

महाविकास आघाड़ी सरकार पर भी दिया जवाब

जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौर में भी अशोक खरात को मदद मिली थी, तब उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “पानी कहां तक मुर गया है, यह पता चलने दीजिए”, यानी मामले की पूरी तह तक पहुंचना जरूरी है।

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सातारा हिंसा पर भी बोले ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने सातारा जिला परिषद अध्यक्ष पद चुनाव के दौरान हुई मारपीट पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा सत्र में भ्रष्टाचार के कई मुद्दे सबूतों के साथ उठाए हैं, और अब सरकार को ढोंग और भ्रष्टाचार पर पड़ा पर्दा हटाना चाहिए

लॉजिस्टिक कोर्स शुरू करने के पीछे क्या है उद्देश्य

मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट लॉजिस्टिक कोर्स का शुभारंभ उद्धव ठाकरे के हाथों किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मराठी युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और स्थानीय भूमिपुत्रों को अवसर दिलाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट और बढ़ते लॉजिस्टिक सेक्टर में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए

मामले का राजनीतिक असर बढ़ने के संकेत

अशोक खरात मामला अब सिर्फ एक अंधविश्वास या आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है। अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाओं और पुराने संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों ने इस मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

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