साइबर पुलिस थाने में अनियमितताओं और अकाउंट अनफ्रीज कराने के नाम पर कथित वसूली के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त रवींद्रकुमार सिंगल ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। इस नए कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और बिना वजह बैंक खातों को होल्ड पर रखने की प्रथा पर रोक लगाना है।
क्यों लागू की गई नई SOP
बताया गया है कि साइबर थाने में खातों को फ्रीज करने और अनफ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। खासतौर पर अकाउंट अनफ्रीज कराने के लिए वसूली जैसे आरोपों ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया। इसी के बाद पुलिस आयुक्त स्तर पर नई SOP लागू की गई।
अब बिना कारण खाते होल्ड पर नहीं रखे जाएंगे
नई व्यवस्था के अनुसार, साइबर शिकायत मिलने के बाद किसी भी बैंक खाते को विनाकारण ‘होल्ड’ पर नहीं रखा जा सकेगा। यानी अब केवल शिकायत दर्ज होने भर से अकाउंट फ्रीज करने की मनमानी प्रक्रिया पर रोक लगेगी।
10 दिन में न्यायालयीन प्रक्रिया नहीं तो हटेगा होल्ड
नई SOP में साफ किया गया है कि यदि 10 दिनों के भीतर न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू नहीं की जाती, तो संबंधित बैंक खाते पर लगाया गया होल्ड हटाना होगा। इस प्रावधान को खाताधारकों को राहत देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
जांच में पारदर्शिता पर जोर
इस नई प्रक्रिया का मकसद साइबर जांच को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नियमबद्ध बनाना है। इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिनके खाते बिना पर्याप्त प्रक्रिया के लंबे समय तक फ्रीज रह जाते थे।
खाताधारकों के लिए राहतभरी पहल
यह फैसला सामान्य खाताधारकों, व्यापारियों और उन लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्हें साइबर शिकायतों के कारण बिना स्पष्ट कारण अकाउंट फ्रीज होने की परेशानी झेलनी पड़ती थी। नई SOP से जांच और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

