चर्चित प्रोफेसर राजाभाऊ लोंढे हत्याकांड का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में रील स्टार विशाल राठोड़ समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 33 CCTV कैमरों की फुटेज, दो महिलाओं के बयान और एक छोटी सी गलती ने पूरे मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
प्रोफेसर लोंढे करीब 40 दिनों से लापता थे, बाद में पुलिस ने उनका शव एक गड्ढे से बरामद किया। जांच में पता चला कि यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या थी।
हत्या के पीछे पैसों का विवाद
जांच में सामने आया कि विशाल राठोड़ ने प्रोफेसर लोंढे को एक फर्जी रियलिटी शो में निवेश का लालच दिया था।
- प्रोफेसर से 40 से 50 लाख रुपये तक निवेश कराने की कोशिश की गई।
- जब लोंढे ने पैसे वापस मांगना शुरू किया, तब आरोपियों ने हत्या की साजिश रच डाली।
- उन्हें पार्टी के बहाने बाहर ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई और शव को गड्ढे में दफना दिया गया।
33 CCTV कैमरों से खुला पूरा राज
पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों के करीब 33 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
- इन फुटेज में आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं।
- उनकी गाड़ी की आवाजाही और समय का मिलान करने पर पुलिस को हत्या की पूरी टाइमलाइन समझ में आई।
- इसी तकनीकी जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की।
दो महिलाओं के बयान बने अहम सबूत
इस केस में दो महिलाओं के बयान भी पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुए।
- दोनों ने आरोपी विशाल राठोड़ के व्यवहार और घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी।
- उनके बयान से पुलिस को हत्या की योजना और घटनास्थल को जोड़ने में मदद मिली।
- इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की और मामला सुलझ गया।
3 हजार रुपये की छोटी गलती से फंसा आरोपी
जांच के दौरान एक छोटी सी गलती भी आरोपी के खिलाफ सबूत बन गई।
- घटना से जुड़ी 3 हजार रुपये की रकम का सुराग पुलिस को मिला।
- इसी से पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों का पता चला।
- यह सुराग केस की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
40 दिन बाद मिला प्रोफेसर का शव
पुलिस जांच के बाद जंगल क्षेत्र में खुदाई कर शव बरामद किया गया।
- शव के सिर पर गोली लगने के निशान मिले।
- पोस्टमॉर्टम के लिए शव को अस्पताल भेजा गया।
- पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार और हथियार भी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की।

