हाल ही में एलपीजी गैस के e-KYC को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही e-KYC पूरा कर लिया है, उन्हें बार-बार KYC कराने की जरूरत नहीं है, खासकर नॉन-PMUY (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से बाहर) उपभोक्ताओं के लिए।
सरकार ने कहा कि आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन केवल उन्हीं LPG ग्राहकों के लिए जरूरी है जिनकी e-KYC प्रक्रिया अभी लंबित है। इससे पहले कई जगहों पर यह भ्रम फैल गया था कि सभी ग्राहकों को बार-बार KYC करानी पड़ेगी।
क्या है सरकार की नई स्पष्टीकरण
सरकार के अनुसार LPG कनेक्शन से जुड़ी e-KYC प्रक्रिया का उद्देश्य असली उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना और फर्जी कनेक्शन रोकना है।
- जिन उपभोक्ताओं की e-KYC पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें दोबारा करने की जरूरत नहीं।
- केवल लंबित e-KYC वाले ग्राहकों को ही आधार बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।
- इस कदम से गैस सब्सिडी सही लाभार्थियों तक पहुंचाने और सिस्टम को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
PMUY लाभार्थियों के लिए नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए नियम थोड़े अलग हैं।
- उन्हें सब्सिडी जारी रखने के लिए समय-समय पर e-KYC करना जरूरी हो सकता है।
- e-KYC पूरा होने के बाद ही सब्सिडी की राशि खाते में मिलती है।
घर बैठे भी कर सकते हैं e-KYC
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि LPG उपभोक्ता मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे e-KYC पूरी कर सकते हैं।
मुख्य तरीके:
- बायोमेट्रिक आधार सत्यापन
- फेस ऑथेंटिकेशन
- OTP आधारित सत्यापन
क्यों जरूरी है e-KYC
- फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शन रोकने के लिए
- सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचाने के लिए
- LPG वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए

