लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में हुई मां-बेटे की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना में दिव्यांग महिला और उसके दृष्टिहीन बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया, जिसे ‘हाफ एनकाउंटर’ कहा जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी किशन रावत को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाया था। इसी दौरान उसने पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया।
डबल मर्डर से दहला मोहनलालगंज
लखनऊ के सिसेंडी गांव (मोहानलालगंज क्षेत्र) में रहने वाली लगभग 50 वर्षीय रेशमा बानो और उनके 18 वर्षीय दृष्टिबाधित बेटे शादाब के शव घर के अंदर मिले। यह घटना सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि दोनों की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आए अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कई टीमों का गठन किया और इलाके के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान की गई।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए अभियान चलाया।
गिरफ्तारी के दौरान हुआ ‘हाफ एनकाउंटर’
पुलिस के मुताबिक आरोपी किशन रावत को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे आरोपी के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया।
इस तरह की कार्रवाई को आम तौर पर ‘हाफ एनकाउंटर’ या ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ कहा जाता है, जिसमें आरोपी को मारने की बजाय पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया जाता है।
इलाके में बढ़ी दहशत
इस डबल मर्डर केस ने पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह और आरोपी के मकसद की गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच जारी है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।

