आठ महीने बाद हत्या का खुलासा: ढाबे पर काम करने वाले कुक की हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र के रामटेक क्षेत्र में आठ महीने पहले हुई एक सनसनीखेज हत्या का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ढाबे पर काम करने वाले एक कुक की गला दबाकर हत्या की गई थी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को खेत में दफना दिया गया था। मामले की जांच के बाद स्थानीय अपराध शाखा (LCB) की टीम ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 26 जुलाई 2025 की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है।

मृतक की पहचान प्रतापसिंह महादेवसिंह बैस उर्फ ठाकुर (50) निवासी डॉ. आंबेडकर नगर, विलेपार्ले, मुंबई के रूप में हुई है।

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पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें पीयूष कैलास ठाकरे (23), कैलास ठाकरे (53), शिवराम मरकाम (50), धीरज वानखेडे (37) सभी निवासी नवरगांव, रामटेक तथा धर्मराज वरठी (49) निवासी आमगांव, रामटेक शामिल हैं। आरोपी कैलास ठाकरे और पीयूष ठाकरे पिता-पुत्र हैं और उनका रामटेक-तुमसर हाईवे पर नवरगांव के पास ‘टूरिस्ट’ नाम का ढाबा है।

ढाबे के पीछे खेत में दफनाया गया शव

मृतक प्रतापसिंह बैस उसी ढाबे पर कुक के रूप में काम करता था और वहीं रहता भी था। आरोपी पीयूष के अनुसार मृतक को शराब पीने की आदत थी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए ढाबे के पीछे खेत में गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया गया

इस काम में शिवराम मरकाम, धीरज वानखेडे और धर्मराज वरठी ने पीयूष की मदद की। ये तीनों भी उसी ढाबे पर काम करते थे।

मामले का खुलासा होने के बाद तहसीलदार रमेश कोलपे की मौजूदगी में पुलिस ने खेत से शव को बाहर निकाला, जो काफी सड़ी-गली अवस्था में मिला।

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गला दबाकर हत्या, आत्महत्या का बनाया नाटक

ढाबे के पास एक गोठा (पशुशाला) भी है। पुलिस जांच में सामने आया कि 20 जुलाई 2025 को प्रतापसिंह पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया गया था

26 जुलाई 2025 को पीयूष ठाकरे ने उसे गोठे में रस्सी का फंदा बनाते हुए देखा। जब पीयूष ने उससे पूछताछ की तो प्रतापसिंह ने मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाने और कम वेतन देने को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।

इससे गुस्से में आकर पीयूष ने जबरदस्ती उसके गले में रस्सी का फंदा डाल दिया और उसे लटका दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई

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गुप्त सूचना से हुआ मामले का खुलासा

कुछ समय पहले जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार को गुप्त सूचना मिली कि प्रतापसिंह की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी

इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा ने मामले की दोबारा जांच शुरू की। पुलिस ने ढाबा मालिक पीयूष ठाकरे और उसके पिता कैलास ठाकरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम भी बताए।

बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ मामला

इस मामले में रामटेक पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।

पूरी कार्रवाई स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अंकुश माने के नेतृत्व में की गई।

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