देश में बढ़ती LPG (रसोई गैस) की संभावित कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे भारत में ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और जमाखोरी-कालाबाजारी पर रोक लगाना है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिसका असर भारत में गैस सप्लाई पर भी पड़ सकता है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह सख्त फैसला लिया है।
ESMA लागू करने का क्या है कारण
देश में हाल के दिनों में LPG सिलेंडरों की मांग तेजी से बढ़ी है और कुछ जगहों पर जमाखोरी तथा ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें सामने आई थीं। सरकार ने इन गतिविधियों को रोकने और आम उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए ESMA लागू किया है।
घरेलू गैस सप्लाई को दी जाएगी प्राथमिकता
सरकार ने निर्देश दिया है कि घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और वितरण तेज करने का आदेश दिया गया है।
अस्पताल, स्कूल और जरूरी सेवाओं को मिलेगी पूरी गैस
सरकार के आदेश के अनुसार अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य आवश्यक सेवाओं को गैस सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इन क्षेत्रों को प्राथमिक श्रेणी में रखकर 100% आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक संकट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है।
सरकार का दावा – घबराने की जरूरत नहीं
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में फिलहाल गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि यह कदम भविष्य में किसी भी संभावित संकट से बचने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया है।

