नागपुर/विदर्भ: इस साल गर्मी का मौसम बेहद तीव्र और रिकॉर्ड तोड़ हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार विदर्भ क्षेत्र में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मार्च की शुरुआत में ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आने वाले महीनों में भीषण गर्मी का अंदेशा बढ़ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले दो दशकों में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की चरम स्थितियां बढ़ी हैं। अत्यधिक गर्मी, भारी बारिश और ठंडी लहरों जैसी घटनाएं पहले की तुलना में ज्यादा देखने को मिल रही हैं, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ सकता है।
विदर्भ में 48 डिग्री तक जा सकता है तापमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल नागपुर में तापमान 46 से 48 डिग्री, चंद्रपुर में करीब 49 डिग्री और यवतमाल में 46.6 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी तापमान काफी ज्यादा रहने का अनुमान है।
मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी
आमतौर पर अप्रैल-मई में महसूस होने वाली तेज गर्मी इस बार मार्च की शुरुआत में ही दिखाई देने लगी है। विदर्भ के कई जिलों में तापमान सामान्य से ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का संतुलन तेजी से बदल रहा है। पिछले 20–25 वर्षों में देश में सैकड़ों बड़ी मौसम संबंधी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें अत्यधिक गर्मी और मौसम के अचानक बदलाव प्रमुख हैं।
स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ सकता है असर
भीषण गर्मी का असर मानव स्वास्थ्य, खेती, पशुधन और पानी की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। लगातार बढ़ते तापमान से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

