महाराष्ट्र के भिवापुर क्षेत्र में नाबालिग स्कूली छात्राओं का पीछा कर उन्हें परेशान करने और विनयभंग करने वाले आरोपी को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत 3 वर्ष की सश्रम कारावास और 11,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आए इस फैसले से क्षेत्र की छात्राओं और उनके परिवारों में सुरक्षा और न्याय का भरोसा बढ़ा है।
आरोपी की पहचान मंगेश भालचंद्र धनविजय (34), निवासी कोलारी, तहसील भिवापुर के रूप में हुई है। घटना 21 सितंबर 2024 को सामने आई थी।
अल्पवयीन छात्राओं का करता था पीछा
आरोपी कोलारी से भिवापुर स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं का लगातार पीछा करता था। वह छात्राओं को अश्लील इशारे करता और गंदी गालियां देता था, जिससे छात्राएं भयभीत रहती थीं।
घटना के दिन भी दी धमकी
घटना वाले दिन भी आरोपी ने छात्राओं का पीछा करते हुए उन्हें धमकाया और उनका विनयभंग किया। डर के बावजूद छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए अपने शिक्षकों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही थानेदार जयप्रकाश निर्मल मौके पर पहुंचे और आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस की तत्परता से मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ी।
आठ गवाहों की गवाही बनी अहम
इस केस में कुल 23 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 8 गवाहों की गवाही अदालत में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी सजा
जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एस. एच. ग्वालाणी ने आरोपी को 3 साल की सश्रम कैद और कुल 11,000 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता, तो उसे अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।

