महाराष्ट्र के जालना जिले में नकली नोट बनाने के एक बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में छत्रपति संभाजीनगर के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान संतोष कळसकर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से अवैध तरीके से नकली भारतीय मुद्रा तैयार कर रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की छापेमारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम ने संबंधित स्थान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटिंग के उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद ही नोटों की छपाई करता था और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बना रहा था।
बरामद सामग्री और तकनीकी उपकरण
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से
- उच्च गुणवत्ता का प्रिंटर
- नकली नोट छापने के लिए उपयोग में लाई जा रही विशेष स्याही
- अधूरी छपी हुई नोटों की गड्डियां
- कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण
जब्त किए हैं। पुलिस अब इन उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
बाजार में खपाने की थी साजिश
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी का इरादा इन नकली नोटों को स्थानीय बाजार में चलाने का था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इससे पहले कुछ नकली नोट बाजार में पहुंच चुके हैं।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन शामिल है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध नोट मिलते हैं तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें। साथ ही व्यापारियों को सतर्क रहने और नकदी लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यह कार्रवाई जालना पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।

