नागपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में मिनरल वाटर के नाम पर जार में साधारण ठंडा पानी बेचने का गोरखधंधा तेजी से फैलता जा रहा है। इस पूरे मामले में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह कारोबार अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) की कथित मूक सहमति से फल-फूल रहा है, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा है।
पंचायत ने यह भी दावा किया कि हाईकोर्ट के नागपुर खंडपीठ के एक निर्णय में भी इस प्रकार के कृत्य को मानवीय स्वास्थ्य के लिए खतरा बताया गया है।
🔎 समारोहों में धड़ल्ले से बिक रहा ‘नकली’ मिनरल वाटर
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गजानन पांडे के अनुसार—
- शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोहों व सार्वजनिक कार्यक्रमों में
- 20 से 60 रुपये में
- बिना सीलबंद और बिना परीक्षण किया हुआ पानी
- मिनरल वाटर के नाम पर जार में भरकर बेचा जा रहा है।
यह पानी देखने में ठंडा जरूर होता है, लेकिन उसकी शुद्धता और गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती।
⚠️ स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
ग्राहक पंचायत ने कुछ गंभीर आशंकाएं जताई हैं—
- केमिकल का उपयोग: पानी को जल्दी ठंडा करने के लिए किसी रासायनिक पदार्थ के इस्तेमाल की संभावना।
- बिना परीक्षण आपूर्ति: पानी की प्रयोगशाला जांच नहीं कराई जाती।
- सीलबंद पैकिंग का अभाव: जार पूरी तरह सीलबंद नहीं होते।
- स्वास्थ्य जोखिम: दूषित पानी से संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा।
🏛️ प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
पंचायत का आरोप है कि—
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
- अन्न व औषधि प्रशासन (FDA)
- स्वास्थ्य विभाग की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला
इनमें से कोई भी विभाग नियमित जांच नहीं कर रहा है।
गजानन पांडे के अनुसार, संबंधित विभागों को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह अवैध धंधा बेखौफ जारी है।
✅ क्या है सही प्रक्रिया?
विशेषज्ञों के अनुसार, असली मिनरल वाटर के लिए निम्न प्रक्रिया अनिवार्य है—
- UV स्टरलाइजेशन
- मल्टी-स्टेज फिल्ट्रेशन
- ओजोनाइजेशन प्रक्रिया
- प्रमाणित प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण
- पूरी तरह सीलबंद पैकेजिंग
लेकिन हकीकत यह है कि शहर की गलियों में छोटे-छोटे कारखाने लगाकर केवल ठंडा पानी भरकर उसे मिनरल वाटर के नाम पर बेचा जा रहा है।
📌 बड़ा सवाल
जब जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा इतना गंभीर मामला सामने है, तो क्या प्रशासन अब भी मूक दर्शक बना रहेगा?
या फिर इस नकली मिनरल वाटर कारोबार पर जल्द कोई सख्त कार्रवाई होगी?

