रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत 2025: भारत की शांतिदूत भूमिका

18 नवंबर 2025 को जेनेवा में रूस-यूक्रेन शांति समझौता हुआ और इसके सूत्रधार कोई और नहीं — भारत थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 से 2025 तक 14 बार पुतिन और जेलेंस्की से बात की। 2025 के पहले 6 महीनों में भारत ने 9 बार शटल डिप्लोमेसी की।

समझौते की मुख्य शर्तें:

  • डोनबास और क्रीमिया पर जनमत संग्रह UN की निगरानी में
  • यूक्रेन NATO में नहीं जाएगा, लेकिन EU में जा सकता है
  • रूस गैस सप्लाई फिर शुरू करेगा
  • सभी युद्धबंदी रिहा

भारत ने 50 बिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज घोषित किया और पहले ही 10 बिलियन डॉलर की मदद भेज दी। ओडेसा बंदरगाह को फिर से खोलने में भारतीय इंजीनियर सबसे आगे थे।

रूस ने भारत को 50 साल के लिए सस्ता तेल और गैस देने का समझौता किया। भारत अब रूस से 50% से ज्यादा कच्चा तेल ले रहा है।

विश्व ने पहली बार देखा कि जब पश्चिम और रूस दोनों थक गए, तब भारत ने शांति की राह दिखाई।

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