बिहार 2025: अब पिछड़ा नहीं, सबसे तेज़ उभरता राज्य

जो लोग आज भी बिहार को “पिछड़ा” कहते हैं, वे या तो १० साल पुराने आंकड़े देख रहे हैं या फिर हकीकत से आँखें मूंदे हुए हैं। आज बिहार भारत का सबसे तेज़ बढ़ता राज्य है। वित्त वर्ष 2024-25 में बिहार का जीएसडीपी ९.२ लाख करोड़ रुपये को पार कर गया और ग्रोथ रेट १४.५% रही। यह देश में दूसरे नंबर पर है (गुजरात के बाद) और राष्ट्रीय औसत ७.२% से दोगुना से अधिक है। पहली बार बिहार की प्रति व्यक्ति आय ७५,००० रुपये को पार कर गई है और गरीबी रेखा से नीचे आबादी ५१% (२०११) से घटकर २३% (२०२५) रह गई है। यह चमत्कार रातोंरात नहीं हुआ; यह २०१५ से चले आ रहे नीतिगत सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति और डिजिटल-शिक्षा के जादू का परिणाम है।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति: अब दिल्ली से पटना सिर्फ़ ६ घंटे में

  • पटना-रांची एक्सप्रेसवे (२०२५ जून में चालू) और पटना-कोलकाता एक्सप्रेसवे (दिसंबर २०२५ तक) ने बिहार को पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स हब बना दिया।
  • बिहार अब देश का पहला राज्य है जिसने १००% गांवों में ऑप्टिकल फाइबर (भारतनेट फेज-२) पहुंचा दिया। ४५,००० से अधिक गांवों में १०० Mbps ब्रॉडबैंड पहुँच गया है।
  • पटना मेट्रो का पहला कॉरिडोर (दानापुर-मिथापुर, १४.५ किमी) २९ अक्टूबर २०२५ को प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया। दूसरा कॉरिडोर (पटना जंक्शन-दीघा) २०२६ में चालू होगा।
  • बिहार के ३८ में से ३५ जिलों में अब एयरपोर्ट या एयरस्ट्रिप है। पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर – सब हवाई संपर्क में हैं। दरभंगा एयरपोर्ट अब देश का सबसे तेज़ बढ़ता क्षेत्रीय एयरपोर्ट है – सालाना ४५ लाख यात्री।
  • जेपी सेतु के समानांतर ६-लेन गंगा पुल (पटना-हाजीपुर) और कोसी मेगा ब्रिज २०२५ में ही चालू हो गए।

शिक्षा में क्रांति: बिहार अब टॉप-५ राज्यों में

  • २०२५ में बिहार पहली बार हायर एजुकेशन ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में ४८% तक पहुँच गया – देश में चौथा स्थान।
  • नालंदा विश्वविद्यालय का नया कैंपस (राजगीर) पूरी तरह चालू। ४४ देशों के २,८०० छात्र पढ़ रहे हैं। यह अब एशिया का सबसे बड़ा रेसिडेंशियल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस है।
  • IIT पटना अब देश के टॉप-१५ IIT में पहुँच गया है। NIT पटना, BIT पटना और IIIT भगलपुर ने भी QS रैंकिंग में जगह बनाई।
  • बिहार सरकार ने २०१९ से शुरू की गई “सात निश्चय-२” योजना के तहत हर पंचायत में “जीविका दीदी” के नेतृत्व में डिजिटल लाइब्रेरी और स्किल सेंटर खोले। नतीजा – १०वीं बोर्ड में पास प्रतिशत ८२% से बढ़कर ९१% हो गया।
  • २०२५ में पहली बार बिहार के १२ छात्रों ने JEE Advanced में टॉप-१०० रैंक हासिल की।

इंडस्ट्री और निवेश: ५ लाख करोड़ का नया बिहार

  • बिहार इन्वेस्टर मीट २०२४-२५ में ५.२ लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए – जिनमें से ६५% ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
  • फॉक्सकॉन, डिक्सन, अडाणी और रिलायंस मुजफ्फरपुर-बेगूसराय बेल्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर लगा रहे हैं।
  • बाढ़ और बक्सर में दो नए थर्मल पावर प्लांट (३२०० मेगावाट) चालू हो गए। अब बिहार बिजली सरप्लस राज्य है और उत्तर प्रदेश-झारखंड को बेच रहा है।
  • बिहार अब देश का सबसे बड़ा मक्का और लीची उत्पादक है। लीची का ७०% निर्यात बिहार से होता है। “शाही लीची” को GI टैग मिलने के बाद यूरोप-अमेरिका में कीमत दोगुनी हो गई।

पर्यटन: बोधगया-नालंदा-विक्रमशिला सर्किट

  • २०२५ में बिहार में ५.५ करोड़ पर्यटक आए – २०१९ के ३.५ करोड़ से ५७% अधिक।
  • बोधगया अब सालाना १ करोड़ श्रद्धालुओं वाला तीर्थ बन गया। नया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (२००० सीट) और ५-स्टार होटल चालू।
  • राजगीर में ग्लास स्काईवॉक ब्रिज और ज़िपलाइन ने युवाओं को आकर्षित किया। वैशाली और विक्रमशिला को UNESCO हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

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