नागपुर में 13 दिसंबर को भव्य कलाकार–शाहीर मोर्चा; कलाकारों के हक़ के लिए एकजुटता

राज्य और देशभर के लोककलाकारों, शाहिरों और विविध कलावंतों के हक़ और न्यायासाठी 13 दिसंबर को नागपुर में एक भव्य मोर्चा आयोजित किया गया है। भारतीय कलाकार शाहीर मंडळ ऑल इंडिया और महाराष्ट्र की सभी संबंधित संस्थाओं के संयुक्त पुढाकार से यह मोर्चा काढा जाणार आहे, जो कलाकारों के अधिकार और सम्मान की लढाई को एक मजबूत दिशा देने वाला है।

मोर्चा शनिवार सुबह 10 बजे धंतोली स्थित यशवंत स्टेडियम के मुख्य प्रवेशद्वाराजवळील दुर्गा मंदिर परिसर से शुरू होगा। यह आगे महाराष्ट्र बैंक, आनंद टॉकीज, लोहापुल (बर्डी), टेकड़ी (राजस्थानी सभागृहाजवळ) मार्ग से होता हुआ ज़ीरो माइल फ्रीडम पार्क, मेट्रो स्टेशन के सामने पहुंचकर समाप्त होगा।

इस विशाल आंदोलन के प्रमुख आयोजक शाहीर राजेंद्र भीमराव बावनकुळे हैं। उनके साथ शाहीर संदीपकुमार बोरकर, चंद्रशेखर अरगुलेवार, बाबाराव दुपारे, नरहरी वासनिक, गजानन वडे, गणेश देशमुख, डॉ. हेमंत रहांगडाले, विनायक नागमोते, शुभम ढवळे, योगिता नंदनवार और उत्तम गायकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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कलाकारों के हक़ों के लिए यह मोर्चा निर्णायक साबित हो सकता है। पिछले आंदोलन की ताकत के चलते कलाकारों का मानधन 2,200 रुपये से सीधे 5,000 रुपये तक वाढवण्यात आले—जी त्यांची पहिली मोठी जिंक होती, असे आयोजकांनी सांगितले। उर्वरित मागण्या पूर्ण करण्यासाठी हा संघर्ष आणखी जोमाने चालणार असल्याचेही त्यांनी नमूद केले।

शाहीर राजेंद्र बावनकुळे यांनी सर्व संस्थांचे अध्यक्ष, कलाकार आणि शाहीर बांधवांना मोठ्या संख्येने उपस्थित राहण्याचे भावनिक आवाहन केले।
“ही लढाई आपल्या अस्तित्वाची आहे… आपल्या हक्कांची आहे. भेदभाव न करता सर्वांनी एकत्र आलो, तर विजय नक्कीच आपल्या हातात असेल,” असे त्यांनी ठामपणे सांगितले।

लोककलेचा वारसा, कलाकारांची एकता आणि सन्मानासाठी 13 दिसंबर रोजी नागपूर एक ऐतिहासिक क्षणाचा साक्षीदार होणार आहे।

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